इस धर्म या सम्प्रदाय के साधू-संन्यासी सिर मुंडाकर चुटिया रखते हैं. इस प्रकार हम देखते हैं कि वैष्णव धर्म का विकास चार श्रेणियों में हुआ। यह पहले उत्तरी भारत से प्रारम्भ हुआ और फिर दक्षिण भारत, बंगाल, महाराष्ट्र और गुजरात आदि स्थानों में विकसित होता रहा। इसके अन्तर्गत विष्णु के दो प्रमुख अ